अपने गुनाह के बदले ज़रुर फिदया दे निकले और जब वह लोग अज़ाब को देखेगें तो इज़हारे निदामत करेगें और उनमें बाहम इन्साफ़ के साथ हुक्म दिया जाएगा और उन पर ज़र्रा (कुरान 10:54)
यह इब्न ज़ुरा कि साईट,एक क्रिश्चियन–मुस्लिम संवाद है और यह किसी के भी विश्वास को घात या ठेस पहॅ्ुचाने के लिये नहीं है| जो भी मुस्लिम क्रिश्चयन परिवेश मे आये,वें यीशु मसीह के अनुयायीओ और उनके जीवन–शैली को समझने के खोजी रहे| वें ईसाइ धर्म के स्वरुप को समझने मे चिन्तित रहे| एक मुस्लमान के तौर पर आप अपने ही धर्म का सबुत मांग सकते है| साधारण प्रश्न हर मनुष्य जाती के लिये है, जैसे:–परन्तु मनुष्य ईश्वर की दृष्टि में क्योंकर धमीं ठहर सकता है? यीशु कौन है? क्या कुरान मे ईसा वही है जो बाईबिल मे यीशु (श्रमेने) है? क्या वो वस्तव मे केवल एक भविष्य्वक्ता था ? इस साईट पर आपको निम्नलिखित लेख मिलेंगें:–